Thursday, November 24, 2016

धर्म और विज्ञान

मैंने एक किताब पढ़नी शुरू की है जिसका शीर्षक है, "They Laughed at Galileo: How the Great Inventors Proved Their Critics Wrong." नाम से तो आप समझ ही गए होंगे कि किताब किस विषय में बात करती है। इस किताब में कुछ आविष्कार और आविष्कारकों से जुड़े रोचक तथ्य बताये गए हैं। उन्हीं महान लोगों में से एक इटली के भी थे, जिनका नाम था गैलिलियो गैलिली। गैलिलियो भैया बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे।

वो गणितज्ञ थे, खगोल शास्त्री थे और भौतिकी विज्ञान के भी ज्ञाता थे। एक दिन शायद उनके हाथ एक दूरबीन यानी telescope लग गयी। उस समय दूरबीन कुछ क्षेत्रों जैसे समुंद्री जहाज़, नौ सेना में काफी सहायक था। उस समय की दूरबीन से समुंद्री जहाज को २ घंटे पहले ही देखा जा सकता था। लेकिन अपने गैलिलियो भैया तो और भी अधिक दूर तक देखना चाहते थे। तो हुआ यूँ कि भैया जी ने घर बैठे बैठे एक दूरबीन बनायीं जो आसमान तक नजर रखती थी।

भैया जी अपने दूरदर्शक यंत्र से सितारों को निहारते हुए एक तारे से नैना लड़ा बैठे। उस तारे का नाम था, Jupiter यानी बृहस्पति। उन्होंने देखा कि चार तारे बृहस्पति के चक्कर लगा रहे हैं। अब भैया ठहरे खगोल शास्त्री, बस यहीं उनके दिमाग में खुजली हुई। उन्होंने पता लगा लिया कि बृहस्पति कोई तारा नहीं बल्कि एक गृह है और वो चार तारे वहाँ के चाँद है। बस फिर क्या था भैया जी ने एक किताब लिख डाली और सनसनी फैला दी।

अभी भैया यहीं रुकने वालों में से नहीं थे। अब बारी आयी शुक्र गृह की यानी Venus। अब की बार उनका ध्यान इसके आकार पर गया। शुक्र गृह का आकार बदलता रहता था। बस यहीं भैया जी का माथा ठनका। उन्हें समझते देर नहीं लगी कि धरती नहीं बल्कि सूर्य ब्रह्मांड के केंद्र में है और सब गृह सूर्य के चक्कर लगा रहे हैं। बस यहीं से समस्या उत्पन्न हो गयी। उनके विचार वहाँ के धर्म ग्रन्थ बाइबिल से टकरा गए। बाइबिल के मुताबिक़ धरती ही विश्व का केंद्र है। उससे भी बड़ी समस्या ये कि वो खुद भी बाइबिल में विश्वास रखते थे। उन्होंने ये समझाने की बहुत कोशिश की कि ये बाइबिल के विरुद्ध नहीं है। वो अपने काम को लेकर जगह जगह घूमे। अंत में उन्हें उनके काम को वहीं त्याग देने के आदेश मिले। उन्होंने भी उस समय विवाद से दूर रहना ही बेहतर समझा और अपनी ख़ोज चुपचाप करते रहे।

कुछ सालों बाद उन्होंने एक और पुस्तक लिखी जिसका शीर्षक था "Dialogue Concerning the two Chief World Systems". इस पुस्तक में उन्होंने अपने विचार फिर से रखे। अपनी तरफ से उन्होंने हर संभव कोशिश की कि पुस्तक विवादों में ना फसे पर ऐसा हुआ नहीं। बाइबिल को गलत बताने के जुर्म में उन्हें आजीवन कारावास झेलना पड़ा। और कुछ साल बाद ही वो स्वर्ग सिधार गए।

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